नॉर्थईस्ट भारत से पहली मुलाक़ात | असम, नागालैंड, मेघालय ट्रैवलॉग
नॉर्थईस्ट भारत से पहली मुलाक़ात – प्रस्तावना अगर हम कहें कि बाहर कहीं ऐसा भी एक जहाँ है जहाँ आकाश […]
नॉर्थईस्ट भारत से पहली मुलाक़ात – प्रस्तावना अगर हम कहें कि बाहर कहीं ऐसा भी एक जहाँ है जहाँ आकाश […]
पहली बार जब ‘Sleeping Buddha’ के बारे में सुना था, तो लगा कि शायद यह ‘परिनिर्वाण’ में लेटे बुद्ध की
किसी जगह पर कितना रुकना और कितनी बार जाना काफ़ी रहता है? ये तो या उस जगह पर डिपेंड करता
जो भाई लोग स्पीति होकर आए हैं, वो तो इस पोस्ट ऑफ़िस को ज़रूर पहचानते होंगे। देखते ही बता देंगे
देखकर भले ही आप बोलें कि झील कहाँ है, और यहाँ पानी कहाँ है- कम सही, पर झील में पानी
इंट्रो — जैसा कि शायद आपको हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स से पता चला हो कि 15 अगस्त वाले वीकेंड पर
कुछ ट्रेक्स आप प्लान करते हो। और कुछ ट्रेक्स आपको बुला लेते हैं, बिना बताए कि क्यों। तारसर मारसर ट्रेक
Shrikhand Mahadev trek is the saga of speaking stones, boulders called as stairs, flamboyant waterfalls, canals cutting through the ways,
There’s a particular kind of trek that doesn’t hold your hand. It shows you a direction, maybe a worn patch
Most people mispronounce it as “Shangarh.” The name actually means splendour. Stand in the meadow here at golden hour, with the