Fitoornama

फ़ितूरनामा

रोज़नामचा

02 · रोज़नामचा

कुछ शब्द, कुछ अधूरे ख़याल.

This journal lives somewhere between memory and documentation. Not every evening becomes a film. Not every face becomes a photograph. Some things only survive as a sentence, written quickly, before they disappear.

Expect words first. Sometimes a photograph will accompany them. Often, it will not need to.

ARCHIVE

शब्दों, यादों और रोज़मर्रा के टुकड़ों का संग्रह।

Sunrise shot of a traveller on Patalsu Peak Trail

Article 19 Aug 2026

महापंडित राहुल सांकृत्यायन — वो नाम जिसके सामने हर ट्रैवलर को झुक जाना चाहिए

भारत में ट्रैवल का सबसे बड़ा सम्मान जिनके नाम पर दिया जाता है, वो राहुल सांकृत्यायन आज भी ज़्यादातर घुमक्कड़ों के लिए एक अनसुना…

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Books & Camera

Article 19 Aug 2026

किताबों के नाम, एक ख़त

किताब — इंसानी इतिहास की सबसे ओवररेटेड और सबसे अंडरएस्टिमेटेड चीज़। एक ओड, जो पूछता है कि किताबें कभी आउट ऑफ़ फ़ैशन क्यों नहीं…

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Sam sand dunes, Jaisalmer

Poetry 11 May 2026

ख़ानाबदोशी

हम वो ढूँढ रहे हैंजो इंसान को अंत में सुकून से मर जाने के लिए चाहिए होता है।तेल-पानी खाना-पीना सोना-जागनासबजैसे सुकून से जीने […]

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A bunch of Himachali school kids smiling in front of the camera

Journal 12 Jan 2026

स्वामी विवेकानंद और राष्ट्रीय युवा दिवस: शिकागो भाषण से वसुधैव कुटुंबकम् तक

स्वामी विवेकानंद जी की जयंती, जिसको हम राष्ट्रीय युवा दिवस के नाम से मनाते हैं. सुबह सुबह आंख खुली तो […]

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Mahatama Gandhi on Dandi March

Article 02 Oct 2025

गांधी से बड़ा ट्रेवल इन्फ्लुएंसर कोई नहीं — बापू की यात्राओं की कहानी

मोहनदास से महात्मा बनने तक — गांधी की तीसरे दर्जे की रेल यात्राएं, चंपारण की नील खेती, दांडी मार्च और साइमन कमीशन तक, हर…

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भगत सिंह: वो क्रांतिकारी जो पढ़ाई, तर्क और इंसानियत से आज़ादी को समझते थे

Article 28 Sep 2025

भगत सिंह: वो क्रांतिकारी जो पढ़ाई, तर्क और इंसानियत से आज़ादी को समझते थे

भगत सिंह की शिक्षा, जेल में पढ़ी किताबें, नास्तिकता, जात-पात और साम्राज्यवाद पर उनके विचार, सुखदेव को लिखी चिट्ठी और उनकी इंसानियत — एक…

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