
Poetry
ख़ानाबदोशी
हम वो ढूँढ रहे हैंजो इंसान को अंत में सुकून से मर जाने के लिए चाहिए होता है।तेल-पानी खाना-पीना सोना-जागनासबजैसे सुकून से जीने […]
Read Entry →फ़ितूरनामा
02 · रोज़नामचा
This journal lives somewhere between memory and documentation. Not every evening becomes a film. Not every face becomes a photograph. Some things only survive as a sentence, written quickly, before they disappear.
Expect words first. Sometimes a photograph will accompany them. Often, it will not need to.
FEATURED

Poetry
हम वो ढूँढ रहे हैंजो इंसान को अंत में सुकून से मर जाने के लिए चाहिए होता है।तेल-पानी खाना-पीना सोना-जागनासबजैसे सुकून से जीने […]
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भारत में ट्रैवल का सबसे बड़ा सम्मान जिनके नाम पर दिया जाता है, वो राहुल सांकृत्यायन आज भी ज़्यादातर घुमक्कड़ों के लिए एक अनसुना…
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किताब — इंसानी इतिहास की सबसे ओवररेटेड और सबसे अंडरएस्टिमेटेड चीज़। एक ओड, जो पूछता है कि किताबें कभी आउट ऑफ़ फ़ैशन क्यों नहीं…
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अल्लामा इक़बाल के एक मशहूर मिसरे से शुरू हुआ एक तीखा, ईमानदार और थोड़ा बेअदब सवाल — कि मज़हब सच में बैर नहीं सिखाता,…
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“मज़हब जब दिल से निकल कर दिमाग़ में चढ़ जाए तो ज़हर बन जाता है।” ~ मंटो कम समय रह […]
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आज भी हर साल की तरह अप्रैल की बीसवीं तारीख है और दुनिया भर की चरसी-गंजेरी-भंगेड़ी जमात अपने अपने सोशल […]
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स्वामी विवेकानंद जी की जयंती, जिसको हम राष्ट्रीय युवा दिवस के नाम से मनाते हैं. सुबह सुबह आंख खुली तो […]
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भारत में ट्रैवल का सबसे बड़ा सम्मान जिनके नाम पर दिया जाता है, वो राहुल सांकृत्यायन आज भी ज़्यादातर घुमक्कड़ों के लिए एक अनसुना…
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अल्लामा इक़बाल के एक मशहूर मिसरे से शुरू हुआ एक तीखा, ईमानदार और थोड़ा बेअदब सवाल — कि मज़हब सच में बैर नहीं सिखाता,…
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मोहनदास से महात्मा बनने तक — गांधी की तीसरे दर्जे की रेल यात्राएं, चंपारण की नील खेती, दांडी मार्च और साइमन कमीशन तक, हर…
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भगत सिंह की शिक्षा, जेल में पढ़ी किताबें, नास्तिकता, जात-पात और साम्राज्यवाद पर उनके विचार, सुखदेव को लिखी चिट्ठी और उनकी इंसानियत — एक…
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Roads carry more than footsteps; they carry departures and returns.
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