शाम धीरे-धीरे पुरानी दिल्ली की छतों पर उतर रही थी। आवाज़ें वही थीं, पर रोशनी ने उन्हें थोड़ा नरम कर दिया था। यह एक ऐसी शाम थी जिसे लिखने से पहले बस देखना ज़रूरी था।
Some places cannot be photographed. Some feelings cannot be translated. Some stories cannot be hurried.